- March 28, 2026
- Posted by: Ek Yojana
- Categories: Latest Govt Schemes, Uttar Pradesh
किसानों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से “कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” लागू की गई है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों और उनके परिवारों के लिए बनाई गई है, जो खेती या उससे जुड़े कार्यों के दौरान दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। Government of Uttar Pradesh द्वारा संचालित यह योजना किसानों के जीवन में कठिन समय में सहारा देने का काम करती है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना, मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे संकट के समय आर्थिक रूप से कमजोर न पड़ें।
प्रमुख लाभ (Benefits)
- मृत्यु पर आर्थिक सहायता
दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को लगभग ₹5 लाख तक की सहायता राशि दी जाती है। - पूर्ण दिव्यांगता पर सहायता
दुर्घटना के कारण पूर्ण रूप से दिव्यांग होने पर भी अधिकतम ₹5 लाख तक की सहायता प्रदान की जाती है। - आंशिक दिव्यांगता पर सहायता
चोट की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में आर्थिक सहायता दी जाती है।
पात्रता (Eligibility)
- लाभार्थी उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए।
- किसान की आयु सामान्यतः 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- दुर्घटना का प्रमाण आवश्यक है।
- किसान या उसका परिवार राज्य के रिकॉर्ड में पंजीकृत होना चाहिए (राजस्व/खसरा-खतौनी के आधार पर)।
कवर की जाने वाली दुर्घटनाएं
- खेत में काम करते समय दुर्घटना
- सड़क दुर्घटना
- प्राकृतिक आपदा (बाढ़, बिजली गिरना, आदि)
- मशीनरी या उपकरण से चोट
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- दुर्घटना/मृत्यु प्रमाण पत्र
- भूमि से संबंधित दस्तावेज (खसरा/खतौनी)
- मेडिकल रिपोर्ट (दिव्यांगता के मामले में)
आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन तहसील या संबंधित राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाता है।
- ऑनलाइन पोर्टल (यदि उपलब्ध) के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है।
- जांच और सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
महत्व
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। खेती के दौरान जोखिम अधिक होता है, ऐसे में यह योजना उनके परिवार को आर्थिक सहारा देती है और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाती है।