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उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना लाखों निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित भविष्य देने में कारगर साबित हो रही है। ईश्वर न करे कि अगर श्रमिक की मृत्यु हो जाती है या वह विकलांग हो जाता है, तो यूपी श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से 5.25 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है।

इस योजना के तहत यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना या अन्य कारणों से मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित परिवार को निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं दुर्घटना के कारण स्थायी या आंशिक दिव्यांगता होने पर श्रमिक को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वह अपनी आवश्यकताओं और उपचार संबंधी खर्चों को पूरा कर सके।

उद्देश्य

  • रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में आश्रितों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना

पात्रता

  • श्रमिक का श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है
  • सिर्फ परिवार के नीचे दिए लोग ही आर्थिक मदद के हकदार होंगे
  • माता-पिता, पति या पत्नी, बेटी, 21 साल से कम उम्र का बेटा
  • सुसाइड करने की स्थिति में मुआवजा नहीं दिया जाएगा
  • हत्या, सांप का काटना, बिजली गिरना, प्रसव के दौरान मृत्यु या प्राकृतिक आपदा को सामान्य मृत्यु माना जाएगा
  • श्रमिक की मृत्यु के बाद आश्रित के आवेदन करने पर उनका भी आधार वेरिफिकेशन जरूरी होगा

आवेदन प्रक्रिया

  • योजना के लिए आवेदन करने से पहले आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा
  • रजिस्ट्रेशन के लिए ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं
  • यहां आपको ‘श्रमिक पंजीयन का नया लिंक’ ऑप्शन दिखेगा
  • इस पर क्लिक करके नया ऑप्शन खुल जाएगा
  • आधार नंबर भरें, सर्कल और जिला चुनें और मोबाइल नंबर भरें
  • रजिस्ट्रेशन फॉर्म को सबमिट कर दें
  • आवेदन के लिए फिर से ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं
  • यहां ‘योजना आवेदन’ के ऑप्शन पर क्लिक करें
  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को भरें
  • सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करें
  • बैंक अकाउंट की जानकारी भरें और फॉर्म सबमिट कर दें

योजना के माध्यम से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिलता है और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध होती है। राज्य सरकार समय-समय पर योजना की सहायता राशि और लाभों की समीक्षा भी करती है ताकि जरूरतमंद श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



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