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मणिपुर मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास योजना (Chief Minister’s Entrepreneurship Support Scheme-CMESS) का उद्देश्य राज्य में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देना और परिवारों के लिए रोजगार व आजीविका के अवसर पैदा करना है। योजना को “One Family, One Livelihood” के उद्देश्य के साथ शुरू किया गया है। मणिपुर सरकार के अनुसार, पात्र लाभार्थी को ₹10 लाख तक के निवेश वाले छोटे उद्यम के लिए सहायता दी जाती है और राज्य सरकार की ओर से 30% सब्सिडी का प्रावधान है।

क्या है मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास योजना?

मुख्यमंत्री उद्यमिता सहायता योजना यानी CMESS मणिपुर सरकार की उद्यमिता-केंद्रित पहल है। इसका मकसद ऐसे लोगों को छोटा व्यवसाय शुरू करने में मदद करना है, जो अपना रोजगार या व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं।

योजना के तहत छोटे उद्यमों में निवेश के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सरकारी बजट दस्तावेज के अनुसार, योजना में प्रति लाभार्थी ₹10 लाख तक के निवेश वाले छोटे उद्यमों को सहायता देने और 30% सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • युवाओं और परिवारों को स्वरोजगार के अवसर देना
  • छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहायता देना
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना
  • छोटे उद्यमों और MSME क्षेत्र को बढ़ावा देना
  • परिवार के लिए स्थायी आजीविका का साधन तैयार करना
  • मणिपुर में उद्यमिता और कारोबार का माहौल मजबूत करना

कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?

योजना में ₹10 लाख तक के निवेश वाले छोटे उद्यमों को सहायता देने का प्रावधान है। राज्य सरकार की ओर से 30% सब्सिडी का उल्लेख मणिपुर सरकार के बजट दस्तावेजों में किया गया है। 2023 के बजट भाषण में योजना के लिए 65% तक collateral-free loan का भी उल्लेख किया गया था।

हालांकि, वास्तविक ऋण राशि, बैंक की स्वीकृति, लाभार्थी का अंशदान और अन्य वित्तीय शर्तें परियोजना तथा लागू दिशा-निर्देशों के आधार पर तय हो सकती हैं।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

योजना छोटे उद्यम स्थापित करने के इच्छुक पात्र लाभार्थियों के लिए है। आवेदन की स्वीकृति में व्यवसाय की प्रकृति, परियोजना की लागत, बैंक मूल्यांकन और योजना के निर्धारित नियमों को ध्यान में रखा जाता है।

सरकार ने योजना को “One Family, One Livelihood” के लक्ष्य से जोड़ा है।

किस तरह के कारोबार के लिए उपयोगी?

योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमों को बढ़ावा देना है। इसलिए पात्र आवेदक अपनी परियोजना के अनुसार विभिन्न प्रकार के छोटे कारोबार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता का उपयोग कर सकते हैं। अंतिम रूप से कौन-सी गतिविधियां पात्र हैं, यह संबंधित विभाग और योजना के वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सामान्य तौर पर पहचान, निवास और व्यवसाय से संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है, जैसे:

  • आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण
  • मणिपुर का निवास प्रमाण
  • बैंक खाते की जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • व्यवसाय/परियोजना से संबंधित दस्तावेज
  • परियोजना रिपोर्ट या बिजनेस प्लान
  • बैंक द्वारा मांगे जाने वाले अन्य दस्तावेज

नोट: दस्तावेजों की अंतिम सूची और आवेदन की वर्तमान प्रक्रिया संबंधित विभाग या बैंक से सत्यापित करना जरूरी है।

योजना से क्या फायदा होगा?

मुख्यमंत्री उद्यमिता सहायता योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इच्छुक व्यक्ति केवल नौकरी तलाशने के बजाय अपना छोटा व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। सब्सिडी और बैंक ऋण के संयोजन से शुरुआती पूंजी की जरूरत को कम करने में मदद मिल सकती है।

मणिपुर सरकार ने 2024 के बजट भाषण में बताया था कि करीब 800 आवेदकों को शॉर्टलिस्ट किया गया था और बैंक मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही थी। सरकार ने यह भी बताया कि बैंकों ने जुलाई 2024 से ऋण स्वीकृत करना शुरू किया था।

2025-26 के बजट दस्तावेज में Manipur Start Up Policy & CMESS के लिए ₹10 करोड़ का बजट प्रावधान दर्ज है।

2026 में योजना की स्थिति

मणिपुर के 2026-27 बजट में सरकार ने रोजगार, कौशल विकास और महिला उद्यमिता को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया है। साथ ही, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक अलग योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

इसलिए CMESS के तहत आवेदन करने वाले लोगों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में लागू सब्सिडी, बैंक ऋण, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभाग से जरूर जांचनी चाहिए।



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