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बिहार सरकार राज्य के किसानों को आधुनिक और किफायती सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शताब्दी निजी नलकूप योजना चला रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को अपनी भूमि पर निजी नलकूप स्थापित करने में आर्थिक सहायता देना है, ताकि खेती में पानी की कमी न रहे और उपज बढ़े।

योजना के बारे मे

  • बिहार शाताब्दी निजी नलकूप योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।
  • इसे वर्ष 2011 में बिहार के किसानो के लिए शुरू की गयी थी।
  • बिहार की लगभग 80 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी कृषि कार्यों से अपना जीवन यापन करती है।
  • कृषि भूमि की सिंचाई हेतु ज़्यादातर किसान मानसून पर ही निर्भर होते है।
  • अन्य कोई सिंचाई साधन न होने की वजह से किसानो को फसल का नुकसान उठाना पड़ता था।
  • इन्ही सब को ध्यान में रखते हुवे बिहार सरकार द्वारा बिहार शाताब्दी निजी नलकूप योजना की शुरुवात की गयी।
  • इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के किसानो को अपनी भूमि पर नलकूप लगाने पर अनुदान प्रदान किया जायेगा।
  • अनुदान केवल कम गहराई (70 मीटर तक) एवं मध्यम गहराई (70 से 100 मीटर तक) के नलकूप लगाने पर ही दिया जायेगा।

पात्रतायें

  • बिहार के किसान।
  • किसान के पास न्यूनतम 0.40 एकड़ अर्थात 40 डिसमिल कृषि भूमि होनी चाहिए।
  • एक किसान को केवल एक नलकूप के लिए अनुदान दिया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज

निम्नलिखित दस्तावेज़ बिहार शाताब्दी निजी नलकूप योजना का अनुदान प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन अपलोड किये जायँगे :-

  • भू-धारकता प्रमाण पत्र/अद्यतन रसीद।
  • पहले से बोरिंग न होने का प्रमाण पत्र।
  • कहीं और से नलकूप के लिए सहायता नहीं लेने का प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाता विवरण।

आवेदन कैसे करें

  • किसान को सबसे पहले बिहार शाताब्दी निजी नलकूप योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर आवेदन करे पर क्लिक करना होगा।
  • आवेदन पत्र खुल जाने पर किसान को माँगा गया विवरण भरना होगा।
  • विवरण में कृषि निबंधन संख्या, जमीन का रकबा, एवं भूस्वामित्व प्रमाण पत्र का होना आवश्यक है।
  • उपरोक्त दस्तावेज़ किसान को पोर्टल पर अपलोड भी करने होंगे।
  • समस्त विवरण व दस्तावेज़ अपलोड करने के पश्चात किसान को आवेदन सबमिट कर देना होगा।
  • आवेदन सबमिट होने के पश्चात पंजीकरण संख्या किसान को आवंटित हो जाएगी।
  • उसके पश्चात कार्यपालक अभियंता बोरिंग के स्थल की जाँच करेंगे।
  • 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर आवेदन को स्वीकृति देना अनिवार्य है।
  • आवेदन स्वीकृत हो जाने की दशा में किसान को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से सूचित कर दिया जायेगा।
  • स्वीकृत पत्र को डाउनलोड कर अपने पास सुरक्षित रख ले।
  • आवेदन स्वीकृत हो जाने के 45 दिन के भीतर किसान को बोरिंग गाड़ लेना आवश्यक है।

किसानों के लिए बड़ी राहत

इस योजना ने उन किसानों को नई उम्मीद दी है जो बारिश या बाहरी सिंचाई स्रोतों पर निर्भर थे। अब वे पूरे साल फसल उत्पादन कर सकते हैं और कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदल सकते हैं।



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