- November 7, 2025
- Posted by: Ek Yojana
- Category: Bihar
राज्य सरकार ने बेटियों की शिक्षा को मजबूत करने और उन्हें इंटरमीडिएट तक पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना लागू की है। यह योजना छात्राओं को 12वीं उत्तीर्ण करने पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियां आर्थिक बाधाओं के बिना अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
योजना के बारे में
- मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की शुरुआत की गयी थी।
- इस योजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य की बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें समृद्ध बनाना था।
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ राज्य की कन्या को जन्म से लेकर उसके स्नातक उत्तीर्ण कर लेने तक दिया जायेगा।
- प्रत्येक चरण में बालिका को अलग अलग उप योजना के तहत लाभ दिया जायेगा जो सब मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत होंगी।
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत निम्नलिखित उप योजनाएं है :-
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना।
- संपूर्ण टीकाकरण योजना।
- मुख्यमंत्री पोषक योजना। (पहली व दूसरी कक्षा के लिए)
- मुख्यमंत्री पोषक योजना। (छठी से आठवीं कक्षा के लिए)
- बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोषक योजना। (नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए)
- मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम।
- मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना।
योजना का मुख्य उद्देश्य
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छात्राओं को इंटरमीडिएट तक पढ़ाई के लिए प्रेरित करना
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आर्थिक कमजोरी के कारण पढ़ाई चोरी न हो
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ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग की बेटियों को शिक्षित बनाना
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महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
योजना में क्या मिलता है?
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इंटरमीडिएट (10+2) पास करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहन राशि
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राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है
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सरकारी एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की छात्राएं लाभार्थी
यह राशि आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, स्किल ट्रेनिंग या अन्य खर्चों में सहायक होती है।
आवेदन प्रक्रिया कैसे होती है?
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ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण
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12वीं की मार्कशीट, आधार, बैंक खाता विवरण अपलोड
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दस्तावेज़ सत्यापन के बाद राशि स्वीकृत
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पारदर्शिता के लिए डिजिटल रिकॉर्ड व ट्रैकिंग
पात्रतायें
- बालिका बिहार की मूल निवासी हो।
- बालिका अविवाहित हो।
- बालिका ने वर्ष 2018 के बाद इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- बालिका ने निम्नलिखित बोर्ड से इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो :-
- बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा परिषद्।
- बिहार मदरसा बोर्ड।
- बिहार संस्कृत शिक्षा परिषद्।
आवश्यक दस्तावेज
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- स्कैन किये हुवे हस्ताक्षर।
- आधार कार्ड।
- मूल निवास प्रमाण पत्र।
- अविवाहित होने का प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक की प्रथम पेज की प्रति।
- इंटरमीडिएट अंक तालिका या अंक प्रमाण पत्र।
- जाति प्रमाण पत्र।
इस योजना ने हजारों छात्राओं को बीच में पढ़ाई छोड़ने से रोका और उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने का रास्ता तैयार किया है। सरकार का यह प्रयास बेटियों की शिक्षा और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।