- October 4, 2025
- Posted by: Ek Yojana
- Category: Central Govt Schemes
भारत की बड़ी आबादी आज भी गांवों में निवास करती है, जहां शिक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसरों की सीमितता युवाओं के विकास में बाधा बनती है। ऐसे में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana – DDU-GKY) ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और कुशल बनाने का एक ऐतिहासिक कदम है।
यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के अधीन 25 सितंबर 2014 को प्रारंभ की गई थी — यह तिथि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती भी है।
- गरीबों और हाशिए पर आ चुके लोगों को लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाना – ग्रामीण गरीबों को बिना किसी शुल्क के कौशल प्रशिक्षण
- समावेशी कार्यक्रम डिजाइन – सामाजिक रूप से वंचित समूहों (अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति 50%; अल्पसंख्यक 15%; महिलाएं 33%) का अनिवार्य कवरेज
- प्रशिक्षण से कैरियर की प्रगति पर जोर देना – नौकरी प्रतिधारण, कैरियर की प्रगति और विदेश में नियुक्ति के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने में अग्रणी
- नियुक्त उम्मीदवारों के लिए अधिक समर्थन -नियुक्ति के बाद समर्थन,प्रवासन समर्थन और पूर्व छात्रों के साथ नेटवर्क
- प्लेसमेंट साझेदारी बनाने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण – कम से कम 75% प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए गारंटीकृत प्लेसमेंट
- कार्यान्वयन भागीदारों की क्षमता बढ़ाना- नए प्रशिक्षण सेवा प्रदाताओं का पोषण करना और उनके कौशल का विकास करना
- क्षेत्रीय फोकस – जम्मू और कश्मीर (हिमायत), उत्तर-पूर्व क्षेत्र और 27 वामपंथी चरमपंथी (एल.डब्ल्यू.ई.) जिलों (रोशिनी) में गरीब ग्रामीण युवाओं के लिए परियोजनाओं पर अधिक जोर
- मानक-आधारित वितरण – सभी कार्यक्रम गतिविधियाँ मानक संचालन प्रक्रियाओं के अधीन हैं जो स्थानीय निरीक्षकों द्वारा व्याख्या के लिए खुली नहीं हैं। सभी निरीक्षणों को जियो-टैगेड, टाइम स्टैम्प्ड वीडियो/फोटोग्राफ्स द्वारा समर्थित किया जाता है,
आवेदन प्रक्रिया
- पंजीकरण के प्रकार को चुनें (ताजा पंजीकरण/अपूर्ण/पंजीकृत)
- एस.ई.सी.सी.विवरण भरें।
- अपना पता भरें
- व्यक्तिगत जानकारी भरें –
- प्रशिक्षण कार्यक्रम विवरण भरेंs
- किसी विशेष क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों की पसंद भरें
- आवेदन पत्र जमा करें
योजना का उद्देश्य
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ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ना।
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देश के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षित करना।
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युवाओं को आधुनिक उद्योगों, सेवा क्षेत्रों और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने योग्य बनाना।
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ग्रामीण भारत में कौशल विकास के माध्यम से प्रवास (migration) को सम्मानजनक और योजनाबद्ध बनाना।
मुख्य विशेषताएं
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DDU-GKY एक “placement-linked skill development program” है, जिसमें प्रशिक्षण के बाद युवाओं को नौकरी से जोड़ने की गारंटी दी जाती है।
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यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का हिस्सा है।
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युवाओं को आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है।
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प्रशिक्षण संस्थानों में इंडस्ट्री-लिंक्ड सिलेबस, अंग्रेज़ी और सॉफ्ट स्किल्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र (Certificate) दिया जाता है जो पूरे भारत में मान्य होता है।
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विशेष ध्यान महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, और विकलांग युवाओं पर दिया जाता है।
योजना की कार्यप्रणाली
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योजना का संचालन Project Implementing Agencies (PIAs) के माध्यम से किया जाता है।
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प्रशिक्षण संस्थान उद्योगों से जुड़े होते हैं ताकि युवाओं को रोजगार के वास्तविक अवसर मिल सकें।
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प्रत्येक प्रशिक्षित युवा की कम से कम 75% प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का लक्ष्य होता है।
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योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए Kaushal Bharat Portal और GIS आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
उपलब्धियां और प्रभाव
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अब तक लाखों ग्रामीण युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
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इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
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DDU-GKY ने ग्रामीण भारत में कौशल क्रांति (Skill Revolution) की नींव रखी है।
आवश्यक दस्तावेज़
- ड्राइविंग लाइसेंस
- निम्नलिखित में से एक:
- बीपीएल कार्ड
- मनरेगा कार्ड
- एनआरएलएम – एसएचजी पहचान पत्र
- बीपीएल/पीडीएस कार्ड या अंत्योदय अन्न योजना कार्ड
- पीआईपी
- मतदाता पहचान पत्र