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इस योजना का उद्देश्य न केवल महिला मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि तालाबों की मत्स्य उत्पादकता भी बढ़ाना है। इस पहल के तहत, आधा हेक्टेयर तालाब में एक एचपी का पैडल एयरेटर और एक हेक्टेयर या उससे बड़े तालाब में दो एचपी का एयरेटर लगाने की सुविधा दी जाएगी। एक एयरेटर की लागत 0.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सामान्य और ओबीसी श्रेणी की महिलाओं को 50% सब्सिडी मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए यह सब्सिडी 60% होगी।

ग्रामीण महिलाओं को मछली पालन में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत उन्हें एयरेशन सिस्टम की स्थापना पर 50% तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

मत्स्य पालन विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमाकांत पांडे ने लोकल 18 से चर्चा के दौरान बताया कि इस योजना का लाभ उन महिला किसानों को मिलेगा, जिनके पास कम से कम आधा हेक्टेयर का निजी या 10 साल की लीज पर तालाब है, जिसमें कम से कम 5 वर्ष की अवधि बाकी हो। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक महिलाएं fisheries.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

योजना का उद्देश्य महिलाओं को मछली पालन के क्षेत्र में प्रोत्साहन और आर्थिक सहायता प्रदान करना
लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं (SC/ST महिलाओं के लिए विशेष सब्सिडी)
अनुदान सामान्य और ओबीसी महिलाओं को 50% सब्सिडी; SC/ST महिलाओं को 60% सब्सिडी
एयरेशन सिस्टम आधा हेक्टेयर तालाब के लिए 2 एचपी पैडल एयरेटर, एक हेक्टेयर या बड़े तालाब के लिए दो एयरेटर
लागत एक एयरेटर की लागत ₹0.75 लाख
पात्रता कम से कम आधा हेक्टेयर का निजी या 10 वर्ष के पट्टे वाला तालाब, जिसमें 5 वर्ष की अवधि शेष हो
आवेदन प्रक्रिया fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन

इस योजना के तहत, मछली पालन के लिए तालाबों में एयरेशन सिस्टम की स्थापना पर सरकार द्वारा 50% तक की सब्सिडी दी जाती है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए यह सब्सिडी 60% तक है। यह वित्तीय सहायता शुरुआती निवेश के बोझ को कम करती है और अधिक महिलाओं को मछली पालन में कदम रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।

मुख्य विशेषताएं

  • इस योजना के तहत तालाबों में पैडल एयरेटर की स्थापना की सुविधा दी जाती है। आधा हेक्टेयर तालाब के लिए एक 2 एचपी पैडल एयरेटर की आवश्यकता होती है, जबकि एक हेक्टेयर या उससे बड़े तालाबों के लिए दो एयरेटर लगाए जा सकते हैं।
  • एक पैडल एयरेटर की लागत ₹0.75 लाख निर्धारित की गई है। पात्र महिलाओं को इस लागत का एक बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।
  • वे महिलाएं जिनके पास कम से कम आधा हेक्टेयर का निजी या 10 वर्ष के पट्टे वाला तालाब हो (और पट्टे की अवधि में कम से कम 5 वर्ष शेष हों), वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।

लाभ

  • उपकरणों की लागत में कमी और मछली पालन को बढ़ावा देकर महिलाएं आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर सकती हैं।
  • एयरेटर की स्थापना से पानी में ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है, जिससे मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

मत्स्य पालन विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमाकांत पांडे ने बताया कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आधुनिक व टिकाऊ कृषि पद्धतियों में शामिल करने के व्यापक मिशन का हिस्सा है।

आवेदन कैसे करें

इच्छुक महिलाएं आधिकारिक मत्स्य पालन विभाग की वेबसाइट fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह ऑनलाइन प्रक्रिया पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करती है।



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