- December 6, 2025
- Posted by: Ek Yojana
- Categories: Latest Govt Schemes, Uttar Pradesh
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एक ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उस समय त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जब परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों में किसी एकमात्र कमाने वाले सदस्य का निधन पूरे घर को आर्थिक संकट में धकेल देता है। ऐसे कठिन समय में यह योजना तत्काल राहत और स्थिरता प्रदान करने का प्रयास करती है, ताकि परिवार अपने आधारभूत जरूरतों को पूरा कर सके और दोबारा संभल सके।
| योजना का नाम | राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना |
| किसके द्वारा शुरू हुई | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा |
| विभाग | समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश |
| सहायता राशि | ₹30000/- |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://nfbs.upsdc.gov.in |
उद्देश्य
जैसा कि आप जानते हैं Rashtriya Parivarik Labh Yojana का उद्देश्य यह है कि परिवार का मुखिया और वह परिवार का भरण पोषण करता है। परिवार के लिए धन अर्जित करता है, यदि किसी कारणवश उसकी मृत्यु हो जाती है तो परिवार खत्म हो जाता है बाद के वर्षों में उसे अपने भरण-पोषण में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और उसका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा होता है।
पात्रता
Rashtriya Parivarik Labh Yojana के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के बेरोजगारों को स्थायी होना चाहिए।
मृत्यु सहायता योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को दिया जाएगा जिनके मुखिया की मृत्यु हो जाएगी और मुखिया की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होगी।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अनुसार, शहरी क्षेत्र में परिवारों की आय 56,000 रुपये प्रति वर्ष और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की आय 46,000 रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- पहचान प्रमाण
- घर के मुखिया का मृत्यु प्रमाण पत्र
- बैंक खाता लेनदेन रिपोर्ट
- बैंक खाता संख्या
- कास्ट सर्टिफिकेट
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
योजना का प्रमुख उद्देश्य
इस योजना का मूल उद्देश्य गरीब और असहाय परिवारों को आकस्मिक मृत्यु के बाद अनिवार्य आर्थिक सहायता देना है। यह न केवल संकट की घड़ी में राहत उपलब्ध कराती है, बल्कि परिवार को आगे की योजना बनाने में सहायता करती है ताकि वे जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
योजना के तहत मिलने वाला लाभ
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गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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परिवार के मुखिया (18–60 वर्ष) की प्राकृतिक या दुर्घटनात्मक मृत्यु पर सरकार एकमुश्त वित्तीय सहायता देती है।
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यह सहायता राशि राज्यों के अनुसार भिन्न हो सकती है, परंतु आमतौर पर 30,000 रुपए या उससे अधिक होती है।
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सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
कौन कर सकता है आवेदन
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परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला होना चाहिए।
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मृतक परिवार का एकमात्र या प्रमुख कमाने वाला सदस्य होना चाहिए।
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मृतक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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लाभार्थी को मृत्यु प्रमाणपत्र एवं परिवार की स्थिति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
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लाभार्थी परिवार अपने जिले के जिलाधिकारी कार्यालय, तहसील, या सम्बंधित सामाजिक कल्याण विभाग में आवेदन कर सकता है।
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कई राज्यों ने इसे ऑनलाइन भी कर दिया है, जहाँ वेबसाइट के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन किया जा सकता है।
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आवेदन सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
योजना का महत्व
यह योजना उन लाखों गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा साबित होती है, जिनकी आजीविका एक व्यक्ति की कमाई पर टिकी होती है। आकस्मिक मृत्यु से उत्पन्न मानसिक व आर्थिक आघात को कम करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे सुनिश्चित होता है कि कोई भी परिवार पूर्णतः असहाय न हो और उन्हें कठिन समय में सरकार का सीधा सहयोग मिल सके।