- October 22, 2025
- Posted by: Ek Yojana
- Category: Latest Govt Schemes
भारत सरकार ने देश के शिल्पकारों और कारीगरों के कल्याण के लिए पेंशन एवं चिकित्सा सहायता योजना शुरू की है। यह योजना विशेष रूप से उन कारीगरों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाई गई है, जो पारंपरिक शिल्प और हस्तकला के क्षेत्र में कार्यरत हैं और अक्सर अनियमित आय पर निर्भर रहते हैं।
फ़ायदे
- ऐसे मामलों में राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह न्यूनतम रू.500/- मासिक भत्ता दिया जाएगा।
- ऐसे मामलों में केंद्र सरकार द्वारा अधिकतम ₹3500/- प्रति माह प्रति लाभार्थी मासिक भत्ते का योगदान किया जाएगा।
- अतएव प्रति माह प्रति लाभार्थी अधिकतम कुल भत्ता ₹4000/-होगा।
- वर्तमान लाभार्थियों एवं उनके पति/पत्नी को वितरित की जाने वाली मासिक पेंशन राशि के अतिरिक्त उनके स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्राप्त करने पर होने वाले व्यय को केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
पात्रता
- आवेदक एक कलाकार होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 60 (साठ) वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए (यह पति-पत्नी के मामले में लागू नहीं होता है)।
- आवेदक एवं उसके जीवनसाथी की कुल वार्षिक आय ₹ 48,000 प्रति वर्ष से या इससे कम होनी चाहिए।
- आवेदक को विपन्न /दयनीय/अभावग्रस्त परिस्थितियों में जीवनयापन करता होना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारतीय शिल्प और हस्तकला उद्योग को मजबूती देती है। कारीगरों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने से वे अपने हुनर को भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, यह पहल ग्रामीण और शहरी शिल्पकला केंद्रों में रोजगार और स्थायित्व बढ़ाने में भी मदद करती है।
पंजीकरण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है, और पात्र कारीगर ऑनलाइन या स्थानीय हस्तकला कार्यालयों के माध्यम से योजना का लाभ ले सकते हैं। यह कदम न केवल शिल्पकारों के जीवन को सुरक्षित बनाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।