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भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्माइल (SMILE – Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise)’ योजना देश में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों के सशक्तिकरण, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस योजना का उद्देश्य है कि हर ट्रांसजेंडर व्यक्ति को समाज में समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिल सके।

योजना का उद्देश्य

‘स्माइल’ योजना का प्रमुख लक्ष्य है –

  1. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को सुनिश्चित करना।

  2. कौशल विकास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।

  3. समाज में भेदभाव और हाशिए पर रहने की स्थिति को खत्म करना।

इस योजना के तहत सरकार का फोकस है कि ट्रांसजेंडर समुदाय भी मुख्यधारा में आए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को बाजार-उन्मुख कौशल प्रदान करके रोजगार के अवसर प्रदान करना मुख्य उद्देश्य है। प्रशिक्षण भागीदारों द्वारा सावधानीपूर्वक विचार करने के पश्चात एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ किए गए राष्ट्रीय परामर्श के आधार पर, कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए जाने वाले क्षेत्रों को चुना गया है। इस प्रकार प्रदान किए जाने वाले कौशलों से, ट्रांसजेंडर लाभाथियों को गरिमापूर्ण रोजगार के पर्याप्त अवसर प्राप्त होने अपेक्षित हैं।

मुख्य घटक (Components)

‘स्माइल’ योजना दो प्रमुख भागों में विभाजित है –

  1. Comprehensive Rehabilitation for Transgender Persons

    • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद।

    • आश्रय स्थल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मनोवैज्ञानिक सहायता और कानूनी सहायता।

    • शिक्षा और रोजगार से जुड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।

  2. Comprehensive Rehabilitation for Beggars

    • भीख मांगने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास, पुनर्प्रशिक्षण और समाज में पुन:स्थापन की प्रक्रिया।

फ़ायदे

  • प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जाता है।
  • गैर-आवासीय प्रशिक्षण की स्थिति में प्रति प्रशिक्षु ₹1000 प्रति माह वजीफा।
  • कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में 80% उपस्थिति होने पर ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी को नियोजन पश्चात सहायता भी प्रदान की जाती है।
  • प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रशिक्षुओं को वेतन/स्वरोजगार के लिए भी सहायता/सुविधा प्रदान की जाएगी।

पात्रता

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को निम्नांकित मापदंडों के अनुसार चुना जाएगा: –
  • ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्ति जिनके पास ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल द्वारा निर्गत वैध ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र एवं पहचान पत्र हो, वे प्राथमिकता के आधार पर अपनी पसंद के कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए स्वतः पात्र होंगे।
  • लाभार्थियों को ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंधित होना चाहिए, जैसा भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है।
  • लाभार्थी के पास अनिवार्य रूप से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी एक ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र होना चाहिए। https://transgender.dosje.gov.in/
  • लाभार्थियों को केंद्र/राज्य की किसी अन्य योजना के अंतर्गत ऐसे लाभ प्राप्त नहीं होने चाहिए।
  • कौशल विकास कार्यक्रम में चयन के लिए आय का कोई मापदंड नहीं है।
  • 18-45 वर्ष की आयु के बीच वाले ट्रांसजेंडर व्यक्ति कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पात्र हैं।
  • लक्षित समूह के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क हैं।

कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर फोकस

‘स्माइल’ योजना का सबसे बड़ा पहलू है कौशल विकास (Skill Development)

  • इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को विभिन्न व्यवसायों, कारीगरी, डिजिटल ट्रेनिंग, और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है।

  • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से इन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है

  • कई केंद्रों में सॉफ्ट स्किल्स, डिजिटल लिटरेसी और फाइनेंशियल एजुकेशन पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सशक्तिकरण के सामाजिक आयाम

‘स्माइल’ केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण की भी पहल है।

  • योजना का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण बनाना है।

  • स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में समान व्यवहार और संवेदनशीलता बढ़ाने के अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

  • सामाजिक स्वीकृति बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद सत्र और जागरूकता अभियान भी आयोजित किए जा रहे हैं।

सरकार और समाज की साझेदारी

यह योजना सिर्फ सरकारी स्तर पर नहीं बल्कि एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं और समुदायिक समूहों के सहयोग से भी लागू की जा रही है।
इस साझेदारी का उद्देश्य है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपने जीवन में सम्मानपूर्वक शिक्षा, रोजगार और जीवनयापन के अवसर पा सकें।

‘स्माइल’ योजना ट्रांसजेंडर समुदाय के जीवन में बदलाव लाने वाली परिवर्तनकारी पहल है। यह भारत सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें हर नागरिक को — चाहे उसका लिंग, पहचान या परिस्थिति कोई भी हो — सम्मान, अवसर और समान अधिकार मिलना चाहिए।
इस योजना के माध्यम से ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब समाज के किनारे नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा में अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं।



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