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उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित “निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांग सहायता योजना” राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह योजना विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए है जो निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना, मृत्यु या दिव्यांगता का शिकार हो जाते हैं।

इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों और उनके आश्रितों को संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता देकर उनके जीवन को स्थिरता प्रदान करना है।यह योजना कई तरीकों से श्रमिक के परिजनों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम करती है। अगर आप यूपी में रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक हैं तो बहुत ही अच्छा है। लेकिन जो श्रमिक रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें भी इस योजना के तहत आर्थिक मदद मिल सकती है। हालांकि रजिस्टर्ड श्रमिकों की तुलना में यह राशि कम ही होगी। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसके लिए कैसे आवेदन करना है और कितना पैसा मिलेगा ?

योजना के प्रमुख लाभ

  1. मृत्यु पर सहायता
    यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्य के दौरान या अन्य कारणों से मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि श्रमिक के आश्रितों को राहत देने के लिए होती है।
  2. दिव्यांगता पर सहायता
    दुर्घटना के कारण आंशिक या पूर्ण दिव्यांगता होने पर श्रमिक को निर्धारित राशि दी जाती है, ताकि वह अपने जीवनयापन में सहयोग पा सके।
  3. आर्थिक सुरक्षा
    यह योजना श्रमिक परिवारों को अचानक आए संकट में आर्थिक सहारा देती है, जिससे उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित न हो।

पात्रता (Eligibility)

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
  • श्रमिक का नाम श्रम विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज होना अनिवार्य है।
  • घटना (मृत्यु या दिव्यांगता) का प्रमाण आवश्यक होता है।

आवश्यक दस्तावेज

  • श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु की स्थिति में)
  • मेडिकल प्रमाण पत्र (दिव्यांगता की स्थिति में)
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन प्रक्रिया

  • श्रमिक या उसके परिवार के सदस्य संबंधित श्रम विभाग कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होता है।
  • सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

महत्व और प्रभाव

यह योजना निर्माण श्रमिकों के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र का काम करती है। निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक अक्सर जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, ऐसे में यह योजना उनके और उनके परिवार के लिए एक जीवनरेखा साबित होती है।

सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिक इस योजना से जुड़ें और कठिन समय में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।

कितनी दिव्यांगता पर कितनी मदद

द‍िव्‍यांगता आर्थ‍िक मदद
100% 4,00,000 रुपये
50 से 99% 3,00,000 रुपये
26 से 49% 2,00,000 रुपये

 



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