- August 7, 2025
- Posted by: Ek Yojana
- Category: Rajasthan
इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को उनके अमूल्य पशुधन का बीमा कवर प्रदान करके आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता देना है। यह कदम राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालकों की आय में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 5-5 लाख दुधारू गाय/भैंस, 5-5 लाख भेड़/बकरी और 1 लाख उष्ट्रवंशीय पशुओं (ऊंट) का बीमा कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना 2025 |
|---|---|
| योजना का उद्देश्य | पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा और पशुधन की सुरक्षा प्रदान करना |
| लक्षित पशुधन | गाय, भैंस, बकरी, भेड़, और ऊंट |
| लक्षित पशु संख्या | 21 लाख (5-5 लाख गाय/भैंस, 5-5 लाख बकरी/भेड़, 1 लाख ऊंट) |
| बीमा अवधि | 1 वर्ष |
| प्रीमियम राशि | निःशुल्क |
| पशु की अधिकतम बीमा राशि | ₹40,000 प्रति कैटल यूनिट |
| पात्रता | टैग किए गए पशु, किसी अन्य बीमा योजना में शामिल न हो |
| उम्र सीमा | गाय: 3-12 वर्ष, भैंस: 4-12 वर्ष, बकरी/भेड़: 1-6 वर्ष, ऊंट: 2-15 वर्ष |
| आरक्षण | एससी के लिए 16%, एसटी के लिए 12% |
| लाभार्थियों का चयन | लॉटरी प्रणाली द्वारा |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 12 जनवरी 2025 |
| आवेदन प्रक्रिया | MMPBY ऐप या https://mmpby.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन |
| आवश्यक दस्तावेज | जनआधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, पशु और आवेदक की फोटो |
| अधिकारिक पोर्टल | MMPBY राजस्थान पोर्टल |
राजस्थान सरकार ने पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा और उनके पशुधन को जोखिम से बचाने के लिए “मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना” का शुभारंभ किया है। इस योजना के अंतर्गत 21 लाख पशुओं का बीमा किया जाएगा, जिसमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़, और ऊंट शामिल हैं। यह योजना पशुपालकों को किसी भी आकस्मिक नुकसान या प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली आर्थिक कठिनाई से बचाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
पात्रता
- बीमा केवल टैग किए गए पशुओं का ही किया जाएगा।
- प्रत्येक पशुपालक अधिकतम 2 गाय, 2 भैंस, या 1 गाय और 1 भैंस, 10 भेड़/बकरी, और 1 ऊंट का बीमा करा सकता है।
- वही पशु पात्र होंगे, जो किसी अन्य योजना के तहत पहले से बीमित न हों।
- पशु की उम्र सीमा:
- गाय: 3 से 12 वर्ष
- भैंस: 4 से 12 वर्ष
- बकरी/भेड़: 1 से 6 वर्ष
- ऊंट: 2 से 15 वर्ष
- एक कैटल यूनिट (पशु इकाई) की अधिकतम बीमा राशि ₹40,000 तय की गई है।
- बीमा होने के बाद पशु की बिक्री, उपहार में दिए जाने या मृत्यु की सूचना तुरंत विभाग को देना आवश्यक है।
फायदे
- इस योजना से पशुपालकों को उनके पशुधन की आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
- राज्य में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- एससी और एसटी पशुपालकों के लिए क्रमशः 16% और 12% बीमा लक्ष्यों को आरक्षित किया गया है।
- राज्य के गोपाल क्रेडिट कार्डधारी और लखपती दीदी पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जरूरी दस्तावेज
- जनआधार कार्ड और पहचान पत्र
- निवास और आय प्रमाण पत्र
- पशुपालन के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि के दस्तावेज
- आवेदक और पशु की फोटो
- बैंक खाता विवरण और पासबुक की कॉपी
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना आवश्यक)
आवेदन कैसे करें?
मंगला पशु बीमा योजना के तहत आवेदन करना बेहद आसान है। बस नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले, MMPBY मोबाइल ऐप डाउनलोड करें या आधिकारिक पोर्टल पर विजिट करें।
- पोर्टल पर “मंगला पशु बीमा योजना” की आवेदन लिंक पर क्लिक करें।
- खुलने वाले आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें, जैसे व्यक्तिगत जानकारी और पशु संबंधी विवरण।
- मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज जैसे जनआधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण और पशु की फोटो को अपलोड करें।
- जानकारी और दस्तावेज जांचने के बाद “सबमिट” बटन पर क्लिक करें।