- February 23, 2026
- Posted by: Ek Yojana
- Categories: Central Govt Schemes, State Govt Schemes
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की महत्वाकांक्षी पहल Central Board of Secondary Education द्वारा संचालित ‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मेधावी बालिकाओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने के लिए शुरू किया गया था।
योजना का उद्देश्य
‘उड़ान’ का मुख्य लक्ष्य कक्षा 11-12 में पढ़ रही छात्राओं को इंजीनियरिंग की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं—जैसे जेईई—की तैयारी के लिए शैक्षणिक और मार्गदर्शन सहायता प्रदान करना है। इसका मकसद STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) क्षेत्रों में लैंगिक असमानता को कम करना और प्रतिभाशाली बेटियों को अवसर देना है।
प्रमुख विशेषताएं
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ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
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विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा वर्चुअल क्लासेस और डाउट-क्लियरिंग सेशन।
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परीक्षा पैटर्न के अनुरूप टेस्ट सीरीज।
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मेंटरशिप और करियर काउंसलिंग।
पात्रता मानदंड
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छात्रा CBSE या अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 11 में विज्ञान (PCM) विषयों के साथ अध्ययनरत हो।
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परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर हो।
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शैक्षणिक प्रदर्शन में न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त हों।
सामाजिक प्रभाव
‘उड़ान’ योजना ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की छात्राओं को तकनीकी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई लाभार्थी छात्राओं ने प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर अपनी सफलता की मिसाल पेश की है। यह पहल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी व्यापक सोच को भी मजबूती देती है।
आवश्यक दस्तावेज
• छात्रा का आधार कार्ड
• मूल निवास प्रमाण पत्र
• छात्रा के माता-पिता या अभिभावक का आय प्रमाण पत्र
• आयु प्रमाण पत्र
• छात्रा के कक्षा 10वीं और 11वीं की मार्कशीट
• जाति प्रमाण पत्र
• छात्राओं का बैंक विवरण
डिजिटल संसाधनों तक पहुंच, इंटरनेट कनेक्टिविटी और जागरूकता की कमी अभी भी कुछ क्षेत्रों में बाधा बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाए तथा राज्य स्तर पर समन्वय मजबूत किया जाए, तो इसका लाभ अधिक छात्राओं तक पहुंच सकता है।
‘उड़ान’ केवल एक कोचिंग सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन बेटियों के सपनों को पंख देने की पहल है जो इंजीनियर बनने का लक्ष्य रखती हैं और संसाधनों की कमी के बावजूद आगे बढ़ना चाहती हैं।